Wednesday, November 18, 2009

वक्त कम है पास मेरे
बहुत कुछ करना अभी बाकि है,
मौत खड़ी है साथ मेरे
पर मरना अभी बाकि है॥

कभी खुशी कभी गम है
ज़िन्दगी भी साकी है,
गम के प्याले बहुत पिए,
खुशियाँ अभी बाकि है॥

खुशियों को लाते लाते
खुशियाँ ही भूल गए,
सबको हसाते ख़ुद
हसना ही भूल गए॥
ज़िन्दगी तो कट गई
हस्ते हसाते,
औरों के लिए जीए बहुत
ख़ुद का जीना बाकि है॥

ज़िन्दगी में आए जाने
कितने हे रास्ते
मैंने तो चुने सदा
औरों के ही वास्ते॥
ख़ुद के लिए चुना जिसपे
हमसफ़र न साथी है,
राहें तो हैं चुनी मगर
चलना अभी बाकि है॥

वक्त कम है पास मेरे
बहुत कुछ करना अभी बाकि है,
मौत खड़ी है पास मेरे
पर मरना अभी बाकि है॥