दिल धुन्ड़ता मेरा अब तुझे रात दिन
कटती नहीं ज़िन्दगी अब यूँ तेरे बिन॥
तलाश है तेरी, जाने कबसे मुझे।
जगती नहीं रातें और दिन भी बुझे बुझे ।
पर तू न मिली, सब पलछिन तेरे बिन॥
दिल धुन्ड़ता मेरा अब तुझे रात दिन
कटती नहीं ज़िन्दगी अब यूँ तेरे बिन॥
ख्वाबों में रोज़ आती हो, हकीक़त में भी आ ।
पर यूँ दूर रहकर अब मुझको न सता।
अब मिल भी जाओ, जग सुना तेरे बिन ॥
दिल धुन्ड़ता मेरा अब तुझे रात दिन
कटती नहीं ज़िन्दगी अब यूँ तेरे बिन॥