Wednesday, November 18, 2009

वक्त कम है पास मेरे
बहुत कुछ करना अभी बाकि है,
मौत खड़ी है साथ मेरे
पर मरना अभी बाकि है॥

कभी खुशी कभी गम है
ज़िन्दगी भी साकी है,
गम के प्याले बहुत पिए,
खुशियाँ अभी बाकि है॥

खुशियों को लाते लाते
खुशियाँ ही भूल गए,
सबको हसाते ख़ुद
हसना ही भूल गए॥
ज़िन्दगी तो कट गई
हस्ते हसाते,
औरों के लिए जीए बहुत
ख़ुद का जीना बाकि है॥

ज़िन्दगी में आए जाने
कितने हे रास्ते
मैंने तो चुने सदा
औरों के ही वास्ते॥
ख़ुद के लिए चुना जिसपे
हमसफ़र न साथी है,
राहें तो हैं चुनी मगर
चलना अभी बाकि है॥

वक्त कम है पास मेरे
बहुत कुछ करना अभी बाकि है,
मौत खड़ी है पास मेरे
पर मरना अभी बाकि है॥

Friday, September 18, 2009

दूर छलकते बादल
लाये पैगाम बरसात का
उस मीठी सुबह ने किया
सुहाना अंत उस रात का ॥

सुबह की महेकती हवा
जाने कितने गीत गुनगुनाये
कुछ इनमें थे सुने सुने
और कई समझ भी न पाये ॥

सुन इन गीतों को
मन में जागे कई ख्याल
अनकहे अनसुने
दिल के कुछ सवाल ॥

खयालो सवालों में मैंने
मन को जाने कब खो दिया
इतने में जाने क्यो
आसमानभी रो दिया ॥

रिमझिम रिमझिम बरसात ने
ये एहसास दिला दिया
खयालो की दुनिया से मुझे
हकीकत में ला दिया ॥

जाते जाते भी दिल मुझसे
जाने क्या क्या कह गया
शायद वोह भी कहीं आसमान की तरह
रोता ही रह गया
रोता ही रह गया ॥

Wednesday, April 22, 2009

The Road

The road goes ever on and on
out from the door where it began
now far ahead the road has gone
and i must follow if i can.