Wednesday, January 27, 2010

दिल धुन्ड़ता मेरा अब तुझे रात दिन
कटती नहीं ज़िन्दगी अब यूँ तेरे बिन॥

तलाश है तेरी, जाने कबसे मुझे।
जगती नहीं रातें और दिन भी बुझे बुझे
पर तू न मिली, सब पलछिन तेरे बिन॥

दिल धुन्ड़ता मेरा अब तुझे रात दिन
कटती नहीं ज़िन्दगी अब यूँ तेरे बिन॥

ख्वाबों में रोज़ आती हो, हकीक़त में भी आ ।
पर यूँ दूर रहकर अब मुझको न सता।
अब मिल भी जाओ, जग सुना तेरे बिन ॥

दिल धुन्ड़ता मेरा अब तुझे रात दिन
कटती नहीं ज़िन्दगी अब यूँ तेरे बिन॥

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